ललित कुमार द्वारा १४ फ़रवरी २००७ को लिखित
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किसी ख़ामोश शाम को जब मैं तब कोई बैठे पास आकर ज़िन्दगी क्या तुम ऐसा करोगी? |
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ललित कुमार द्वारा १४ फ़रवरी २००७ को लिखित
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किसी ख़ामोश शाम को जब मैं तब कोई बैठे पास आकर ज़िन्दगी क्या तुम ऐसा करोगी? |
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