Category Archives: विविध

दशक का सर्वश्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉगर!

दशक के सर्वश्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉगर के चुनाव हेतु वोट करने के लिए मेरे पास एक ईमेल आया। मुझे मालूम था कि मैं वोट करने का इच्छुक नहीं हूँ (क्योंकि इन … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

स्कूल में वापसी

कुछ ही देर पहले गुड़गांव के एक स्कूल में बच्चों को व्यक्तित्व निर्माण और हिन्दी भाषा के महत्त्व के बारे में एक वक्तव्य देकर लौटा हूँ। मुझे जब भी स्कूलों … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

स्टोन बॉय और डोडो के देश से – भाग 2

आज सुबह मैं मॉरीशस से दिल्ली लौट आया। सुबह साढ़े तीन बजे विमान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा; मैं पाँच बजे घर आ पहुँचा और आते … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

स्टोन बॉय और डोडो के देश से – भाग 1

दिनांक: 22 अप्रैल 2012 मैं इस समय मॉरीशस के क्वात्र-बॉर्न शहर के होटल गोल्ड क्रेस्ट में हूँ। यहाँ शाम के नौ बजे हैं। अभी-अभी रात का भोजन करके लौटा हूँ। … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

पहला चंडीगढ़ लिटरेचर फ़ेस्टिवल

कुछ महीने पहले मेरी मित्र शायदा ने बताया था कि वे चंडीगढ़ शहर में एक साहित्यिक गतिविधि करने जा रही हैं। उन्होनें मुझसे आग्रह किया कि मैं इस गतिविधि में … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

कहेहू तें कछु दुख घटि होई

प्रेम में यदि विरह हो जाए तो जो कष्ट होता है उसका बयान करना असंभव है। जितना सच्चा प्रेम होगा उतना ही दुष्कर विरह से गुज़रना हो जाएगा। एक तरह … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

दूरदर्शन की कुछ भूली-बिसरी यादें – भाग 4

तीसरा भाग भारत का राष्ट्रीय टीवी चैनल होने के नाते दूरदर्शन पर राष्ट्रीय भावना, राष्ट्रीय एकता व जनहित के संदेशों को जनता तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी भी थी। इस कार्य … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

दूरदर्शन की कुछ भूली-बिसरी यादें – भाग 3

दूसरा भाग हम दूरदर्शन के पुराने दिनों को याद करें और उन दिनों के विज्ञापन याद ना आएँ –ये तो हो ही नहीं सकता! इन विज्ञापनों में से कई तो … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

दूरदर्शन की कुछ भूली-बिसरी यादें – भाग 2

लेख का पहला भाग आइये दूरदर्शन की पुरानी यादों के सफ़र पर आगे बढ़ते हैं। फुलवंती इस धारावाहिक ने कुछ ऐसा सस्पेंस पैदा किया था जो आज तक कोई दूसरा … Read more

Posted in विविध | 2 Comments

दूरदर्शन की कुछ भूली-बिसरी यादें – भाग 1

वह टेलीविज़न का स्वर्णिम दौर था। ब्लैक एंड व्हाइट टीवी अमूमन लकड़ी के बक्से में बंद होता था। एक नॉब को “खट-खट” घुमाकर चैनल बदले जाते थे। टीवी स्क्रीन पर … Read more

Posted in विविध | 1 Comment

छपास और हिन्दी कविता का व्यापार

अक्सर मेरे मित्र एक प्रश्न करते रहते हैं। पिछले दो वर्षों में करीब दस बार यह प्रश्न अलग-अलग मित्रों ने पूछा है। ये सभी मित्र किसी ना किसी स्तर की … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

फ़न ये जादूगरी का है

नया रंग-रूप लिए “दशमलव” पर आपका स्वागत है। आशा है कि नया लेआउट आपको पसंद आएगा –इसे मैंने पाठक की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरल बनाया है। आशा … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

हिन्दी का मज़ाक बनाना बंद कीजिए

क्रिकेट को हिन्दी में क्रिकेट ही कहा जाता है ना कि “गोल गढ्ढम सभा मध्यम ताड़म ताड़ी प्रतियोगिता”… बहुत से अंग्रेज़ी शब्दों के हिन्दी समानार्थक शब्द नहीं होते –मैं ऐसे … Read more

Posted in विविध | 1 Comment

मैं विश्व पुस्तक मेले में क्यों नहीं गया…

इस बार न जाने क्यों मुझे पुस्तक मेले में जाना वक़्त की बरबादी लगा। मेला समाप्त हो गया और मैं नहीं गया। हाँ, मैं बेहद व्यस्त हूँ पर ऐसा नहीं … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

आज दोस्त-सखी दिवस है

आज 27 फ़रवरी यानी “दोस्त-सखी दिवस” है। आप सोचेंगे कि पहले से मौजूद इतने सारे “दिवसों” के बीच ये कैसा नया दिवस आ गया जिसका नाम ही कभी नहीं सुना! … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

कितनी अजीब बात है!

इस लेख को लिखते हुए मैं अपने पाठकों से मुखातिब नहीं हूँ; या यूँ कहिए कि यह लेख मैं आपके लिए नहीं लिख रहा हूँ बल्कि अपने ख़ुद के लिए … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

वैलेंटाइन्स डे आखिर किसके लिए है?

आज वैलेंटाइन्स डे है। इसे हिन्दी में प्रेम दिवस भी कहा जाने लगा है। आप चाहे जो भी हों लेकिन यह दिन आपको प्रभावित किए बिना नहीं रहता। आज इस … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

अंगदान से संबंधित जानकारी

अंगदान से संबंधित मेरे पिछले लेख का जो असर हुआ उससे मैं बहुत संतुष्ट हूँ। मैं अपने पाठकों को रक्तदान, नेत्रदान व अंगदान के लिए प्रोत्साहित करना चाहता था। पाठकों … Read more

Posted in विविध | Leave a comment

रक्तदान, नेत्रदान व अंगदान कीजिए

मैं बहुत खुश हूँ; क्योंकि आज मैंने अपनी एक दिली-ख़्वाहिश को अमली जामा पहना दिया है। आज मैंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को अपना पूरा शरीर दान कर दिया है। … Read more

Posted in विविध | 9 Comments

जयपुर साहित्यिक मेला: कुछ यादें

जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। यह पहली बार था जब मैंने इस मेले में शिरक़त की। मेले के दौरान जयपुर में बिताए गए 6 दिन बहुत बढ़िया रहे … Read more

Posted in विविध | 6 Comments

पोलियो शरीर को धीरे-धीरे खा रहा है…

आज जयपुर साहित्यिक मेले 2012 का आखिरी दिन है। मैं अपने होटल के कमरे में बैठा हुआ यह लिख रहा हूँ। मेले में कुछ ही देर बाद रिचर्ड डॉकिन्स अपनी … Read more

Posted in विविध | 34 Comments

जयपुर साहित्य मेला: फिर से “हिन्दी सेवा” का प्रश्न!

मैं इस लेख को जयपुर में अपने होटल की लॉबी में बैठ कर लिख रहा हूँ। मेरे साथ तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं के तीन अनुभवी व प्रतिष्ठित लेखकगण बैठे … Read more

Posted in विविध | 9 Comments

मुझे साहित्य/मीडिया के लिए एक वेबसाइट बनानी है

एक और अक्सर पूछा जाने वाला सवाल और उत्तर के लिए मेरा एक और लेख! “सर, मैं साहित्य/मीडिया से सम्बंधित एक वेबसाइट/पत्रिका बनाना चाहता हूँ (या बना चुका हूँ)। कविता … Read more

Posted in विविध | 5 Comments

मैं अनुपमा के स्नेह के अधीन हूँ!

स्नेह को आज की इस दुनिया में अधिकांश लोग ढूंढते ही रह जाते है। ख़ास तौर पर “जहाँ उम्मीद हो इसकी वहाँ नहीं मिलता” बात भी सत्य है! पर मैं … Read more

Posted in विविध | 14 Comments

द डर्टी पिक्चर: क्या सिल्क स्मिता का शोषण हुआ था?

आज “द डर्टी पिक्चर” देखी। एक वाक्य में कहूँ तो कुल मिलाकर फ़िल्म अच्छी है। हालांकि विस्तार में जाने पर कुछ पक्ष अच्छे और कुछ पक्ष बुरे ज़रूर मिलेंगे। दक्षिण … Read more

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
Posted in विविध | 10 Comments